"From the devotee to the Divine"
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केदारनाथ यात्रा
- कपाट खुलने की तिथि: केदारनाथ धाम के कपाट 22 या 23 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 6:20 बजे खुलने की संभावना है।
- आधिकारिक घोषणा: सटीक तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) को उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में की जाएगी।
- कपाट बंद होने की तिथि: मंदिर के कपाट भैया दूज के दिन (नवंबर 2026) शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
बद्रीनाथ यात्रा
- स्थान: उत्तराखंड के चमोली जिले में, नर-नारायण चोटियों के निकट, अलकनंदा नदी के किनारे, गढ़वाल हिमालय की ऊँची चोटियों पर स्थित।
- देवता: भगवान विष्णु (बद्री विशाल)।
- महत्व: यह हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है और छोटा चार धाम तीर्थयात्रा मार्ग का हिस्सा है।
- पहुँच: एक बिंदु तक सड़क (मोटर योग्य) द्वारा पहुँचा जा सकता है, जिसके बाद एक छोटी पैदल यात्रा है, लेकिन ऊँचाई अधिक होने के कारण यह चुनौतीपूर्ण है।
51 शक्तिपीठ
कहते हैं कि देवी के 51 शक्ति पीठ जिन जगहों पर स्थापित हैं, वहां पर देवी सती के शरीर के अलग-अलग अंग गिरे थे। ऐसे में यहां जानिए 51 शक्ति पीठ के नाम और कहां गिरा कौन सा अंग-
वृंदावन यात्रा
- श्री बांके बिहारी मंदिर: स्वामी हरिदास द्वारा प्रकट की गई राधा-कृष्ण के मिलित अवतार की मूर्ति।
- निधिवन: वह पवित्र स्थान जहाँ कृष्ण आज भी रास रचाते हैं, शाम के समय बंद कर दिया जाता है।
- इस्कॉन मंदिर (प्रेम मंदिर): अपनी वास्तुकला और शाम की रोशनी के लिए प्रसिद्ध।
- गोविंद देव मंदिर: 16वीं शताब्दी में निर्मित लाल बलुआ पत्थर का भव्य मंदिर।
- केशी घाट: यमुना के किनारे, शाम की आरती के लिए प्रसिद्ध।
- परिक्रमा: वृंदावन की 3 कोस (लगभग 10 किमी) की पैदल परिक्रमा काफी प्रचलित है, जिसमें 2-3 घंटे लगते हैं।
- यात्रा का सबसे अच्छा समय: होली (मार्च) और जन्माष्टमी (अगस्त/सितंबर) सबसे अच्छा समय है। चातुर्मास (आषाढ़-कार्तिक) में भी काफी लोग आते हैं।
